International Journal of Advanced Educational Research

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International Journal of Advanced Educational Research
International Journal of Advanced Educational Research
Vol. 2, Issue 1 (2017)

जौनपुर जिले के माध्यमिक स्तर पर अध्ययनरत छात्रों का शालेय संवेगात्मक वातावरण का उनके शैक्षणिक उपलब्घि पर होने वाले प्रभाव का अध्ययन


सुनील मणि त्रिपाठी, डाॅं0 जय सिंह

शालेय संवेगात्मक वातावरण से तात्पर्य संवेगों का विकास एक निश्चित अनुक्रम में होता है तथा विकास के प्रत्येक चरण में कुछ नये रूप परिलक्षित होते हैं। संवेग से तात्पर्य उत्तेजना से है अर्थात संवेग शब्द अंग्रेजी शब्द Emotion का पर्यायवाची है। इसको लैटिन भाषा में Emovere कहते है। जिसका अर्थ ‘‘हिला देना, उत्तेजित होना है।’’ जब भी संवेग की स्थिति आती है, व्यक्ति में बेचैनी आ जाती है, वह कुछ भी असामान्य व्यवहार प्रकट कर सकता है। हृदय की धड़कन बढ़ जाती है, चेहरे पर मलिनता छा जाती है, अचेतन में व्याप्त अनेक सुप्त प्रक्रिया है, जिसमें मानसिक एवं शारीरिक दोनों प्रकार की प्रक्रियाएँ सम्मिलित है। जौनपुर जिला के माध्यमिक स्तर के छात्रों पर शालेय संवेगात्मक वातावरण का उनके शैक्षणिक उपलब्धि पर पड़ने वाले प्रभाव की औसत उपलब्धि 31.07 तथा मानक विचलन 7.06 है तथा छात्राआंे का औसत उपलब्धि 31.37 तथा मानक विचलन 7.24 है। शोध क्षेत्र के माध्यमिक स्तर पर ग्रामीण विद्यार्थियांे पर शालेय संवेगात्मक वातावरण का उनके शैक्षणिक उपलब्धि पर पड़ने वाले प्रभाव की औसत उपलब्धि 29.30 तथा मानक विचलन 6.87 है तथा शहरी विद्यार्थियांे का औसत उपलब्धि 32.23 तथा मानक विचलन 6.48 है।
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