International Journal of Advanced Educational Research


ISSN: 2455-6157

Vol. 3, Issue 1 (2018)

औपनिवेशिक काल में शिक्षा का विकास

Author(s): अशोक कुमार
Abstract: प्रारम्भ में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी का मुख्य उद्देश्य भारत का आर्थिक शोषण करके अधिक से अधिक मुनाफा कमाना था। जिसके कारण उन्होनंे लम्बे समय तक भारत की परम्परागत सांस्कृतिक और सामाजिक पद्धतियों में हस्तक्षेप नहीं किया। यूरोपीयों के आगमन के समय भारत शिक्षा की दृष्टि से अनेक औपनिवेशिक देशों से आगे था परन्तु शिक्षा व्यवस्था में निश्चित रूप से पिछड़ा हुआ था। कुछ साहसी और परोपकारी अंग्रेजी अधिकारियों ने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार हेतू प्रयत्न किए और कुछ भारतीय समाज सेवकों के सहयोग से अनेक स्कूल और काॅलेज खोले गए जिनके कारण वर्ण व्यवस्था पर आधारित परम्परागत शिक्षा प्रणाली ने धीरे-2 आधुनिक शिक्षा व्यवस्था का रूप ले लिया। परन्तु शिक्षा का वास्तविक विकास भारत की स्वतन्त्रता उपरान्त ही हो पाया।
Pages: 393-394  |  9416 Views  1922 Downloads
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