International Journal of Advanced Educational Research

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International Journal of Advanced Educational Research
International Journal of Advanced Educational Research
Vol. 5, Issue 5 (2020)

शिक्षकों के व्यवसायिक विकास में आई.सी.टी. की भूमिका


सलोनी गुप्ता

आई.सी.टी. एक वैज्ञानिक और तकनीकी अनुशासन और प्रबन्धन हैं। पुर्ण रुप में आई.सी.टी. का अर्थ सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी हैं वर्तमान स्तर पर आधुनिक विकास के स्तर को देखा जाए तों आई.सी.टी. हमारे जीवन का एक हिस्सा है जिसनें पहलें के कुछ दशकों सें हमारें समाज के साथ-साथ व्यक्तिगत जीवन को भी प्रभावित किया हैं। आई.सी.टी. का उपयोग शिक्षा जगत में भी व्यापक स्तर पर किया जाता हैं जिससे विद्यार्थियों और शिक्षको को सहायता मिलती है और प्रशासन कार्याे को आधुनिकता प्रदान की है। शिक्षक व्यवसाय में इसकी सहायता से शिक्षक प्रकरण को रोचक व आसान बनानें में सक्षम हों पाते हैं । शिक्षक को आई.सी.टी. और विज्ञान का ज्ञान होना चाहिए इससें उसके शिक्षण कौशल का विकास होता है। आई.सी.टी. के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में अभिभावकों भी अप्रत्यक्ष रुप से सहायता प्राप्त करते है। आई.सी.टी. के द्वारा नए पाठ्क्रम में वास्तविक दुनिया की समस्याओं, परियोजनाओं व शैखणिक गतिविधियों के लिए उपकरण प्राप्त होते है। शिक्षण प्रक्रिया के परिणामों को जाचनें के लिए सत्त और व्यापक मूल्यांकन (बबम) और परिणामों कोेेेेेेेेें सुधारनें के लिए और अधिगम के लिए भी शिक्षको आई.सी.टी. का ज्ञान होना अति आवश्यक हैं। शिक्षक व्यवसाय को अधिक प्रभावी रुप देने के लिए शिक्षको को आई.सी.टी. का प्रयोग करना अति आवश्यक है क्योंकि शिक्षक ही शिक्षा व्यवस्था का संस्थापक होता है।
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