International Journal of Advanced Educational Research

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Vol. 2, Issue 3 (2017)

तुलसी का रस वर्णन


डाॅ0 जयराम त्रिपाठी

हिन्दी साहित्य मेें तुलसी को सर्वश्रेष्ठ महाकवि के रूप में जाना जाता है। न केवल हिन्दी वरन् विश्व साहित्य में तुलसी जैसे कवि बहुत कम होंगे। तुलसी को रसवादी कवि माना जाता है। काव्य का प्राण रस को मानने वाले विद्वत्जन रस निरूपण को ही काव्य का मुख्य आधार अथवा काव्य की सफलता का द्योतक मानते हैं।
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डाॅ0 जयराम त्रिपाठी. तुलसी का रस वर्णन. International Journal of Advanced Educational Research, Volume 2, Issue 3, 2017, Pages 156-157
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