International Journal of Advanced Educational Research

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International Journal of Advanced Educational Research
International Journal of Advanced Educational Research
Vol. 3, Issue 2 (2018)

भारत-जापान सम्बन्ध : ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक परिप्रेक्ष्य


कुमार सौरभ

जापान एशिया महाद्वीप के पूर्वी छोर पर स्थित द्वीप-समूहों का एक छोटा सा देश है, जबकि भारत दक्षिण एशिया में स्थित है। भारत क्षेत्रफल की दृष्टि से जापान का 9 (नौ) गुना एवं जनसंख्या की दृष्टि से 10 दस गुना बड़ा है। भारत-जापान सम्बन्ध कोई नया नही है, दोनों देशों के मध्य सम्बन्ध की परम्परा अत्यन्त समृद्ध एवं सदियों पुरानी है। इन दोनों देशों के मध्य सम्बन्ध की प्राचीनता ‘बौद्ध धर्म’ के जापान में प्रचार-प्रसार तक जाती है। उस समय बौद्ध धर्म प्रायः दो वर्गो में विभाजित हो चुका था प्रथम ‘महायान’ एवं द्वितीय ‘हीनयान’। जिसमें से बौद्ध धर्म के ‘महायन’ शाखा का जापान में प्रसार हुआ, जो 3-4 सदी ई0 पू0 से 538-40 ई0 तक की एक लम्बी यात्रा से होते हुये चीन एवं कोरिया के बाद जापान पहुँचा। बौद्ध धर्म के प्रसार के इस दौर में जापान में 752 ई0 में भगवान बुद्ध की एक 18 मीटर ऊॅची प्रतिमा की स्थापना की गयी, जिसमें प्राण प्रतिठा का शुभ कार्य बौद्ध भिक्षु ‘भूतिसेना’ द्वारा सम्पन्न किया गया था।
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कुमार सौरभ. भारत-जापान सम्बन्ध : ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक परिप्रेक्ष्य. International Journal of Advanced Educational Research, Volume 3, Issue 2, 2018, Pages 198-201
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