International Journal of Advanced Educational Research

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International Journal of Advanced Educational Research
International Journal of Advanced Educational Research
Vol. 6, Issue 1 (2021)

नवभारतः गांधी दर्शन एवं स्वदेशी


आदित्य कुमार

आज किसी से भी यह छुपा नहीं है कि समूची मानव सभ्यता एक बड़े संकट एवं उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। उसके समक्ष अपने अस्तित्व का सबसे बड़ा संकट खड़ा है, साथ ही आर्थिक गतिविधियों की स्थिति अपने नाजुक दौर में है। ऐसे में हमें गांधी तथा गांधीवादी दर्शन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। आज हमें वैज्ञानिक क्रांति, बहुराष्ट्रीय कंपनियों से जुड़ाव के साथ-साथ स्थानीयता के भाव को बनाए रखने की जरूरत है। आधुनिक विश्व ’वैश्वीकरण’ व ’बाजारीकरण’ का है, आज सब कुछ अन्तर्राष्ट्रीय बाजार से जुड़ चुका है, उत्पादन की बढ़ती मात्रा के साथ ‘बाजार एवं उत्पादन प्रक्रिया’ अन्तिम मनुष्य तक पहुंच चुकी है, ऐसे में गांधीवादी दर्शन अधिक प्रासंगिक हो उठता है।
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आदित्य कुमार. नवभारतः गांधी दर्शन एवं स्वदेशी. International Journal of Advanced Educational Research, Volume 6, Issue 1, 2021, Pages 22-25
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